चितरंजन कुमार जन जोश:-
2021 के दिसंबर महीना में औरंगाबाद जिले के देव में अंतिम चरण में पंचायत चुनाव संपन्न हुआ था। जिसका नतीजा 10 दिसंबर को ही घोषित की गई थी। पंचायत को नए मुखिया जी मिले थे। नए मुखिया जी से पंचायत के लोगों की आशा भी नया नया रहता है। तो इसी कड़ी में जन सेवा की परीक्षा में मुखिया जी पास या फेल कार्यक्रम के तहत “जन जोश न्यूज़”औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड अंतर्गत एरौरा पंचायत के विकास का रिपोर्ट कार्ड खंगालने पहुंची।
सीधा संपर्क विकास के रिपोर्ट कार्ड के लिए दिसंबर महीने के 10 दिसंबर को निर्वाचित घोषित हुए एरौरा पंचायत के समाजसेवी मुखिया निरंजन कुमार साव से संपर्क साधा। मुखिया जी से विकास कार्य सहित अन्य पंचायत में कार्यों की बात जानने का प्रयास किया कि उन्होंने 1 वर्ष में अपने पंचायत को बदलने में क्या क्या विकास किया और क्या अब 4 वर्ष में वे पूरा करेंगे।
मुखिया निरंजन कुमार साहू बताते हैं कि पंचायत चुनाव के प्रचार के दौरान युवा वर्गों का सहयोग मुझे प्रत्येक गांव से प्राप्त हुआ तो युवा वर्गों के विकास के लिए हमने खेल सामग्री देकर उनके हौसला को बढ़ाने का कार्य किया।
भ्रष्टाचार पर लगाया अंकुश
मुखिया निरंजन कुमार साहब बताते हैं कि देव प्रखंड के एरौरा दक्षिणी पहाड़ी इलाका में बसा हुआ है और यहां के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सबसे पहले भ्रष्टाचार को मुक्त करना मेरा पहला प्राथमिकता था।
जिसमें हमने काफी हद तक सफलता को प्राप्त किया है आज पंचायत में आवास ,पेंशन सहित अन्य कार्यों को कराने के लिए अब आम जन को घूसखोरी का शिकार नहीं होना पड़ता है।
बाधाओं को कैसे करना है दूर-निरजंन
मुख्य निरंजन कुमार साहू बताते हैं कि बाधाओं को दूर करके आगे बढ़ने वाले लोग उन लोगों की तुलना में अधिक सुरक्षित होते हैं जिन्होंने कभी उनका सामना ही नहीं किया हम सभी को कभी न कभी दिक्कतों का सामना करना ही पड़ता है उनकी वजह से कई बार हम मायूस हो जाते हैं निराशाओं का सामना सब को करना पड़ता है पर जीतने वाले हाथ नहीं होते हैं।
ऐसे हालात का जवाब दे देता ही है अधिकतर लोग ठीक उस समय हार मान लेते हैं जब सफलता उन्हें मिलने ही वाली होती है विजयरेखा बस एक कदम की दूरी पर होती है तभी वे कोशिश बंद कर देते हैं वे खेल मैदान से अंतिम मिनट में हट जाते हैं जबकि उस समय जीत का निशान उनसे केवल 1 फुट के फासले पर होता है।
यह बात उन्होंने तब बताया जब उनसे पूछा गया कि आपने समाज सेवा का विचार कहां से बनाया। निरंजन कुमार साव ने जानकारी देते हुए बताया कि मैं पहली बार जब 2016-17 के चुनाव लड़ा था तो काफी कम वोटों के अंतराल से चुनाव हार गया था हारने के बाद अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए हम बाहर में नौकरी करने चले गए थे। परंतु जब भी घर आते थे तो पंचायत में हर व्यक्ति के सुख दुख में हाजरी जरूर लगाते थे।मुझे लगता ही नही था कि मैं चुनाव उस समय हार गया हूँ।
पुनः2021के 15 अक्टूबर तक हमने बाहर में ड्यूटी किया। उसके बाद मुझे पता चला की देव प्रखंड में नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है तो हमने 26 अक्टूबर को अपना नामांकन पर्चा मुखिया पद के लिए दाखिल किया। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद करीब डेढ़ महीना प्रचार प्रसार करने का मौका प्राप्त हुआ।
शौभाग्य से मुझे चुनाव चिन्ह ढोलक छाप मिला। उन्होंने कहां की मेरे चुनाव के समय में पंचायत पंचायत के प्रत्येक गांव से सहयोग प्राप्त हुआ और सभी ने मुझे आश्वस्त कराया की आप ही चुनाव जीतेंगे। जिसका नतीजा 10 दिसंबर को देखने को मिला और मैं अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को लगभग 550 मतों से चुनाव हराकर मैं मुखिया पद से निर्वाचित घोषित हुआ।
अपनी क्षमताओं की तुलना में कितनी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं:-निरजंन
मुझे यह प्रतीत हुआ कि हम सफलता को कैसे मांपेंगे और असली सफलता किसी काम को अच्छी तरह करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के एहसास से सही मापी जाती है।सफलता इस बात से नहीं मापी जाती कि हमने जिंदगी में कौनसा ओहदा हासिल किया है ।बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हमने वह मुकाम कितनी रुकावट को दूर करके हासिल किया है। सफलता इस बात से भी नहीं मापी जाती कि हम जिंदगी में दूसरे लोगों की तुलना में कैसे उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं
बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हम अपनी क्षमताओं की तुलना में कितनी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। सफल लोग अपने आप से मुकाबला करते हैं मैं अपना खुद का रिकॉर्ड बेहतर बनाते हैं और उस में लगातार सुधार लाते हैं सफलता इस बात से नहीं मापी जाती कि हमने जिंदगी में कितनी ऊंचाई हासिल की है बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हम कितनी बार गिर कर उठे हैं सफलता का आकलन गिरकर उठने की क्षमता से ही किया जाता है।
मुखिया निरंजन कुमार साव बताते हैं कि हमें जिस प्रकार से पंचायत के मतदाताओं के द्वारा हमे सफल बनाया गया है उसी प्रकार हम सरकार के द्वारा मिलने वाली योजना राशि का भरपूर मात्रा में उपयोग कर के पंचायत के प्रत्येक गांव की मूलभूत समस्या को दूर कर सकें।
मुखिया निरजंन कुमार साव का एक वर्ष का रिपोर्ट कार्ड
मुख्य निरंजन कुमार साहब ने बताया कि मुझे जनता का विश्वास 10 दिसंबर को किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज औरंगाबाद में प्राप्त हुआ। जिसका सर्टिफिकेट प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी BDO कुंदन कुमार के द्वारा दिया गया। हमने पंचायत के चुनाव प्रचार के दौरान जो वादा अपने पंचायत वासियों से किया था उस वादा को पूरा करने के लिए सत प्रतिशत कार्य को करने का हर संभव प्रयास किया जिसमें सफलता भी हाथ लगी।
मुखिया जी ने बताया कि पंचायत में मैंने 1 वर्ष में यह किया काम
1)एरौरा में नाली गली
2)जोधपुर में नाली
3)तेतरिया मंदिर के पास पेवर ब्लॉक
4)कंचनपुर में नाली
5)चैनपुर में पेवर ब्लॉक और अपने निजी फंड से स्कूल में चापाकल का निर्माण कराया।
6)आस्था के महापर्व को मध्य नजर रखते हुए पंचायत में 5 कुआं का जीर्णोद्धार करवाया।
7) पंचायत के सैनिक ग्राउंड भंडारी में चबूतरा और चापाकल का निर्माण करवाया।
जरूरत पड़ने पर जरूरतमंदों को रक्तदान भी किया।











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