रॉकी दूबे, ओबरा
ओबरा प्रखंड के लोकन बिगहा-अतरौली स्थित शालिग्राम यादव मेमोरियल डेंटल हॉस्पिटल में दंत व मुंह रोग विशेषज्ञ डॉ० कुमार अजितेष ने उपस्थित लोगों को चिकित्सीय परामर्श दी इस दौरान उन्होंने विशेषकर 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के दांत के देखरेख पर विशेष सावधानी बरतने की बात कही, क्योंकि आमतौर पर बच्चों के दांत में सड़न होने के डेढ़ से दो वर्ष बाद दर्द शुरू होता है जबकि इस दौरान अन्य दांतों व मसूड़ों में मवाद व सड़न धीरे-धीरे फैलती रहती है, सामान्यतः बच्चे के दूध के दांत 7-8 वर्ष की आयु के बीच टूटते हैं जबकि दांत में सड़न की शिकायत 3 से 4 वर्ष के उम्र में ही शुरू हो जाती है। डॉ अजितेश ने विशेषकर माताओं को कहा कि बच्चों को बोतल के बजाय चम्मच, कटोरी व छोटे गिलास से दूध पिलाना चाहिए ताकि उन्हें संक्रमण से बचाया जा सके। इसके साथ ही मां को गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम, विटामिन व फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को प्रमुखता के साथ भोजन में शामिल करना चाहिए क्योंकि बच्चों के दांत व हड्डियां गर्भावस्था के दौरान माता द्वारा लिए गए आहार से ही बनते हैं। उन्होंने बच्चों के खानपान में भी सावधानी बरतने की बात कही, उन्होंने कहा कि टॉफी, चॉकलेट व मीठा पदार्थ खाने के बाद पानी से मुंह व दांत को अच्छे तरीके से साफ करा देना चाहिए।











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