चितरंजन कुमार:-
औरंगाबाद डीएम सुहर्ष भगत का कार्यकाल रहा विवादों से भरा, शिकायत पर हुआ तबादला
औरंगाबाद जिले के डीएम सुहर्ष भगत का तबादला हो गया है अब वह राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के अपर कार्यपालक निदेशक पद दिया गया है।
वहीं किशनगंज के वर्तमान डीएम श्रीकांत शास्त्री को औरंगाबाद का नया डीएम बनाया गया है।
गौरतलब है कि सुहर्ष भगत अपने पदस्थापन काल से ही विवादों में रहे हैं और उनकी कार्यशैली बहुत अच्छी नहीं रहीं इसी कारण मात्र छह महीने ही जिले के डीएम पद पर रह सके.
तंग आकर एक अधिकारी ने दवाई का लिया था ओवर डोज
जिले के जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक सभी लोग उनके कार्यशैली से परेशान थे जिसका सबसे बड़ा उदाहरण योजना विभाग के डीपीओ द्वारा तनाव में आकर दवा की नौ गोलियां तक खा लेना था. इतना ही नहीं उनके व्यवहार से अन्य अधिकारी भी परेशान रहा करते थे। स्थिति यह हो गई थी की 2020 बैच के ऑल इंडिया टॉपर आईएएस सह सहायक समाहर्ता रहे शुभम कुमार को भी इनसे मुलाकात करने के लिए प्रतीक्षा करना पड़ता था। कमोबेश यही स्थिति अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी, समाहरणालय कर्मी से लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ थी और इनके इस व्यवहार की शिकायत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से मिलकर किया गया था उसी समय से तबादला की चर्चा होने लगी थी.
पत्रकार से भी विवाद का भी नाता रहा है डीएम का
सुहर्ष भगत उस वक्त और अधिक चर्चा में आ गए जब जिले के पत्रकारों के साथ बैठक में एक पत्रकार के साथ उनका हॉट टॉक हुआ और पत्रकार ने भी उनकी अफसरी झाड़ दी थी और उनकी एक न चलने की बात कहा था. क्योंकि पदस्थापन काल से ही कुछ पत्रकारों को छोड़कर अधिकतर पत्रकारों के साथ उनका व्यवहार अच्छा नहीं रहा.
सोमवार को मदनपुर प्रखंड के चेई नवादा पंचायत में भी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से डीएम सुहर्ष भगत का व्यवहार उजागर हुआ।जब उन्हें समानित किया जाने लगा तो स्वागत में दिए जाने वाले गुलदस्ता लेने से पहले ही हाँथ जोड़ लिया।उसके बाद मंच संचालन की जिम्मेदारी कोई और कर रहें थे उसे हटाकर BDO साहब को शौंप दिया गया।जब जनप्रतिनिधियों ने बात करना चाहा तो वे इसारो से बाद में मिलने की बात कह कर टालते हुए दिखे।
गौरतलब है कि नव पदस्थापित डीएम श्रीकांत शास्त्री वर्तमान में किशनगंज के डीएम हैं और स्थानांतरण के बाद औरंगाबाद का कमान संभालेंगे। शास्त्री किशनगंज के डीएम से पूर्व बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के परियोजना निदेशक रह चुके हैं.











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