चितरंजन कुमार।
बिहार औरंगाबाद जिले के औरंगाबाद सदर विधानसभा क्षेत्र के देव प्रखंड में शक्ति मिश्रा फाउंडेशन सामाजिक कार्यों में बढ़ कर हिस्सेदारी निभाती है। सैंकड़ो निर्धन परिवार का भरण पोषण,आहार,बीमारी में इलाज में मदद, पढ़ाई लिखाई करने में मदद सहित अन्य सामाजिक और धार्मिक कार्यों में खुद फाउंडेशन के अध्यक्ष शक्ति मिश्रा तन मन धन से सहयोग करते हैं। 
उसी कड़ी में देव प्रखंड के अलग-अलग 7 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित बृहद स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा कदाचार मुक्त तरीके से रविवार को संपन्न हो गया। इस परीक्षा में 2500 छात्र छात्राएं भाग लिए। जानकारी देते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष शक्ति मिश्रा ने बताया कि यह परीक्षा विगत कई सालों से आयोजित की जा रही है। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य देव के सुदूरवर्ती इलाके के छात्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उनके अंदर भावना उत्पन्न करना हैं। 
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस परीक्षा के लिए देव प्रखंड 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिसमें रानी ब्रजराज स्कूल देव, राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय देव, विशुनपुर हाई स्कूल, महंत पंचानंद हाई स्कूल केताकि, राजकीय कृत्य उच्च विद्यालय पवई, कमला देवी उच्च विद्यालय खड़िहा और सूर्य नारायण इंटर कॉलेज देव को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यह परीक्षा दो वर्गों में विभाजित थी, प्रथम वर्ग में वर्ग 9 से 10 के छात्र वहीं दूसरे वर्ग में वर्ग 11 और वर्ग 12 के छात्र शामिल किया गया था।
इस पूरे परीक्षा में 2500 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। फाउंडेशन के अध्यक्ष शक्ति मिश्रा ने बताया कि इस परीक्षा का परिणाम 29 सितंबर को घोषित किया जाएगा। उसी दिन पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत की जाएगी। उन्होंने बताया कि सफल प्रतिभागियों को चार वर्गों में पुरस्कार के लिए विभाजित की गई है। बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार पाने वाले को लैपटॉप से पुरस्कृत किया जाएगा, दूसरे स्थान प्राप्त करने वाले को टैबलेट दी जाएगी, जबकि तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले को मोबाइल से पुरस्कृत किया जाएगा।
जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में साइकिल और आकर्षक उपहार से पुरस्कृत किया जाएगा। शक्ति मिश्रा ने बताया कि इस परीक्षा को आयोजित करने का मुख्य मकसद यह है, कि देव जैसे सुदूरवर्ती इलाके में शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है और बेहतर शिक्षा दिलाना है, ताकि इस क्षेत्र के छात्र-छात्राएं आगे बढ़-चढ़कर के नौकरी में हिस्सा ले और अपने क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने में सहभागी बने। इस पूरे परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए पूरे प्रखंड क्षेत्र से 90 शिक्षक अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे थे और सभी अलग-अलग परीक्षा केंद्र पर अपना योगदान दे रहे थे।











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