वैसे तो किसी भी औरत का औलाद ही दुनिया में सबसे अनमोल रत्न होता है।किसी दूध मुहे बच्चे को किसी मां के गोद से छीन कर अलग कर दिया जाए तो उस मां पर क्या बितता होग उस माँ से बेहतर कोई नहीं जानता।ऐसा ही कुछ मामला बिहार के औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना के देवकली में महाशिवरात्रि पूजा के क्रम में समाने निकल कर आया।घटना के 1 घंटे बाद थाना अध्यक्ष ने कार्रवाई शुरू की और सकुशल बच्चे को उसके मां से पुनः मिलवा दिया।इस सराहनीय कार्य का चर्चा काफी हो रही है।थाना अध्यक्ष को सोशल मीडिया टेलिफोनिक सहित अन्य माध्यमों से बधाई मिल रही है।
ओबरा थाना क्षेत्र के देवकुली गांव स्थित शिव मंदिर से शिवरात्रि पूजा के दौरान चेंगा बिगहा निवासी राम कुमारी कि 2 माह की बच्चा को महिला चोर छीन कर फरार हो गई थी।महिला अपने बच्चे के लिए चिल्लाते रही लेकिन वो महिला चोर भीड़ में कहीं गुम हो गई।इसके बाद पीड़ित महिला ने एक आवेदन ओबरा थाना में दिया।थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने कार्रवाई करते हुए 4 घंटे के अंदर दो महिला चोर,इंदु देवी एवं रंजनी कुमारी को बच्चे के साथ गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने बताया कि चेंगा बिगहा निवासी शिवपूजन कुमार की पत्नी राम कुमारी के द्वारा एक आवेदन दिया गया था,जिसमें बताया गया था कि दो महिला हमारे बच्चे को देवकली गांव स्थित शिव मंदिर में पूजा करने के दौरान छीन कर फरार हो गई थी।
उन्होंने बताया कि जब हम पूजा करने के लिए मंदिर में जाने लगे तो दोनों महिला ने बोला कि दीजिए बच्चा को हम खेलाते हैं,आप पूजा करिए।
जब हमने बच्चा देने से मना कर दिया तो एक महिला चोरनी जबरदस्ती मेरे बच्चा को छीनने लगी जिसके बाद हमने हल्ला किया,लेकिन तब तक वह बच्चा हमसे छीन कर अपने सहयोगी को दे दी।भीड़ का फायदा उठा कर एक चोरनी तो भाग निकली।लेकिन एक चोरनी जिसका इंदू देवी को लोगों ने पकड़ लिया।जैसे ही बच्चा चोरी का मामला संज्ञान में आया सभी जगह पुलिस प्रशासन के द्वारा गस्ती गाड़ी को अलर्ट कर दिया गया।जगह-जगह एन एच 139 पर खोज बिन की जाने लगी,तभी करीब 8 बजे बच्चा को महिला सहित कारा बाजार के पास से बरामद कर लिया गया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि यह घटना करीब 3 बजे की है।वहीं पीड़ित परिजनों के द्वारा 4 बजे थाना में लिखित सूचना दी गई।दोनों महिला चोर को गिरफ्तार कर पूछताछ किया गया।पूछताछ के दौरान उक्त दोनों महिला चोर ने बताया कि बच्चा को यहां से ले जाकर मुंबई में बेच देते।एक महिला इंदु देवी का मायके ओबरा में है और उसकी ससुराल भागलपुर में है।वहीं दूसरी महिला मुम्बई के काला नगर के रजनी देवी है जो दिखावे के लिए केवल मांग में सिंदूर लगाए हुए थी पर वह शादीशुदा नहीं है।
रजनी कुमारी इंदु देवी की बहन की बेटी है।थानाध्यक्ष ने बताया कि इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को देते हुए कार्रवाई करते हुए दो माह के लड़का को सकुशल बरामद कर लिया गया है।चेंगा बिगहा निवासी राम कुमारी के बयान पर एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है जिसके आलोक में कार्रवाई करते हुए दोनों महिला को जेल भेज दिया गया है।
थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने अपने शोशल मीडिया के फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया तस्वीर के साथ यह बात,मिल रही बधाई
थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने लिखा कि आज का दिन मेरे कार्यकाल में कठीन एवं संघर्ष भरा रहा। एक दो माह के बच्चे को अपनी मां से एक मेरे क्षेत्र से चुरा अपहरण कर दो महिलाओं ने मुम्बई ले जाने के लिए लें भागी थी।पर उनकी इस गलत मांशा को अपहरण से चार घंटों में दोनों महिला अपराधी के साथ बच्चे को बरामद कर उसके मां को सौंपा गया।
सुखद अनुभव रहा।
ज्ञात हो कि थानाध्यक्ष पंकज कुमार औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना में पदस्थापित थे तो इस तरह के कई पेचीदा मामला को निपटाते हुए इस तरह के अपराधियों के जेल की सलाखों के भीतर भेजने का कार्य किया है।आज मदनपुर में भी इनकी प्रशंसा करते हुए लोग नहीं थकते हैं। पंकज कुमार सैनी इस तरह के कार्य का निपटारा करने के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं इस तरह के कार्य करने के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।










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