चितरंजन कुमार।
बिहार झारखंड की सीमा पर स्थित मदनपुर प्रखंड के चकरबंदा पर कभी नक्सलियों का राज हुआ करता था । जहां पर हर तरफ नक्सलियों ने अपनी किलेबंदी कर रखी थी और सुरक्षा बलों के लिए यहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल था । परंतु 205 कोबरा बटालियन ने नक्सलियों के मांद में घुसकर निरंतर नक्सल विरोधी अभियान चलाए और चक्रबंधा के दुर्गम क्षेत्रों से माओवादियों के सफलता पूर्वक निकालकर फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस पंचरुखिया में 75वां गणतंत्र दिवस शानदार तरीके से मनाया । पुलिस उप महानिरीक्षक विमल कुमार बिष्ट टेक गया के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा 205 कोबरा बटालियन के कमांडेंट श्री कैलाश की उपस्थिति में सुबह 8:00 बजे ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया । 
मदनपुर प्रखंड क्षेत्र के सुदूर व्रती दक्षिणी और जंगली इलाका के पचरुखिया में स्थित कोबरा 205 कैंप में शुक्रवार को सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत ग्रामीणों के बीच उपयोगी सामग्री वितरित किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के डीआईजी विमल कुमार बिष्ट और कोबरा 205 के कमांडेंट कैलाश ने संयुक्त रूप से ग्रामीणों को सामग्री वितरण किया। दिया इस दौरान कंबल साड़ी शॉल एवं बच्चों को पढ़ने की किताब, कॉपी, बैग सहित अन्य सामग्री वितरित किया गयक। ग्रामीणों के लिए मिठाई एवं भोजन की व्यवस्था की गई थी।
इस मौके पर पुलिस उपमहानिरीक्षक विमल कुमार बिष्ट टेक गया केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण किया तथा उपस्थित सभी अधिकारियों अधीनस्थ अधिकारियों व जवानों को 75 में गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी । उन्होंने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस के महत्व गौरव के बारे में बताया तथा सीआरपीएफ के पदक विजेताओं के नाम पढ़ा ।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कार्मिकों को एक सौर्य चक्र, शहीद कार्मिकों को वीरता पदक (मरणोपरांत )61 कर्मी को वीरता पदक, पांच कर्मी को विशिष्ट सेवाओं के लिए पदक एवं 57 क्रमिकों को सराहनीय सेवाओं के लिए पदकों से नवाजा गया । जिसमें से एक शौर्य चक्र केवल 205 के अधिकारी को प्रदान किया गया है ।
विमल कुमार बिष्ट उप महानिरीक्षक ने इस महान उपाधि के लिए सभी पदक प्राप्तकर्ताओं और उनके परिवारों को बधाई दी है और कामना किया है कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में उनके द्वारा किए गए योगदान दूसरे के लिए प्रेरक सिद्ध होगा ।
तत्पश्चात 205 कोबरा के द्वारा पचरुखिया कैंप में एकत्रित हुए नजदीकी गांव लंगूराही एवं तारी सागरपुर ढकपहरी आदि के गांव वासियों को उनकी जरूरत का सामान दिया गया । जैसे कंबल साड़ी सोल आदि एवं बच्चों को पढ़ने की किताबें कॉपियां बैग एवं अन्य सामग्री वितरित की गई । साथ ही सभी ग्राम वासियों के लिए मिठाई एवं भोजन की व्यवस्था की गई थी ।
205 कोबरा बटालियन के द्वारा चक्रबांदा जंगली क्षेत्र में लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान से नक्सलियों को भारी मात्रा में नुकसान उठाना पड़ा है । उनकी कमर तोड़कर रख दी गई है,जिसके चलते नक्सली अपने चक्रबांदा जैसे स्थाई शरण स्थल को छोड़कर किसी अन्य इलाके में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं । 205 कोबरा बटालियन के निरंतर प्रयासों से कई महत्वपूर्ण नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और उनको आत्मसमर्पण करने हेतु मजबूर किया गया ।
विगत वर्ष चलाए गए विभिन्न नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान उनके ठिकानों से बड़ी मात्रा में गोला, बारूद, अत्याधुनिक हथियार, युद्ध संबंधित सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं व राशन बरामद किया गया । चक्रबांदा के इलाकों से नक्सलियों के सफाई के बाद से आसपास के गांव में रहने वाले लोग बेहद खुश हैं और डर का माहौल पूरी तरह से खत्म हो चुका है । इस इलाके में कानून का राज पूरी तरह से स्थापित हो चुका है।











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