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नैनो यूरिया से किसानों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ, किसान नाराज

रॉकी दूबे, ओबरा

ओबरा प्रखण्ड मुख्यालय स्थित व्यापार मंडल परिसर में किसानों को तीन बोरी यूरिया के साथ एक बैग नैनो यूरिया दी जा रही है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के छोटे किसान काफी परेशान हैं। नैनो यूरिया को लेकर अक्सर किसान और विस्कोमान के कर्मचारियों के बीच नोक झोंक भी हो जा रही है। किसानों ने बताया कि यूरिया वितरण कर रहे कर्मचारियों के तरफ से तीन बोरी यूरिया या डीएपी के साथ एक बोरी नैनो यूरिया दी जा रही है। जब किसान नैनो यूरिया लेने से इनकार कर रहे है तो उन्हें कोई भी खाद नही दिया जा रहा है जिसे ले कई किसानों में नाराजगी है। छोटे किसान किसी तरह एक बोरी यूरिया के लिए रुपया एकत्र कर समिति पर आते हैं, लेकिन वहां नैनो यूरिया जबरन दी जा रही है। एक बैग यूरिया का मूल्य 266.50, नैनो यूरिया का 225 एवं डीएपी का 1350 रुपये है। किसान अशोक सिंह, रामेश्वर सिंह, राजेश्वर पासवान, अरुण सिंह, सुरेंद्र यादव, अशोक यादव सहित अन्य किसानों का कहना है कि हम सभी को नैनो यूरिया की कोई आवश्यकता नहीं होती है। सिर्फ यूरिया और डीएपी के माध्यम से ही धान की फसल का अच्छा पैदावार हो जाता है। नैनो यूरिया नहीं लेने पर किसानों को वापस कर दिया जा रहा है। मजबूर किसान बाजार से 450 रुपये से अधिक देकर यूरिया ले रहे हैं जिससे किसानों को अर्थिक समस्या उत्पन्न हो रही है। एक तरफ सरकार का दावा है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। नैनो यूरिया के लिए किसानों पर कोई दबाव नहीं दिया जाएगा किसान अपनी मर्जी से नैनो यूरिया ले सकते हैं अन्यथा कोई आवश्यकता नहीं है। कृषि पदाधिकारी पुनीत कुमार ने बताया कि नैनो यूरिया के लिए किसान पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को दी जाएगी। वहीं बिस्कोमान के कर्मियों ने बताया कि 400 बोरा यूरिया पर एक सौ नैनो यूरिया कंपनी के द्वारा जबरन दिया जा रहा है। हम सभी ने इसका विरोध भी किया बावजूद कंपनी के द्वारा 400 बैग यूरिया या डीएपी पर एक सौ नैनो यूरिया देने का दबाव बनाया जा रहा है।

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