गांव में ग्रामीणों ने चंदा कर बनाना शुरू किया स्कूल।
औरंगाबाद जिले के कई गांव में स्कूलों का उन्नयन तो कर दिया गया है लेकिन उसके लिए भवन नहीं बनाए गए हैं। जिससे छात्रों के बैठने के लिए जगह नहीं होने पर कहीं अतिरिक्त कक्ष में तो कहीं रंग मंच जैसे जगहों पर छात्रों को एक साथ बैठा पढ़ाया जा रहा है। ऐसे स्कूलों में भवन की मांग के लिए प्रत्येक पदाधिकारियों के पास आवेदन जाते हैं।जिले के एक गांव के ग्रामीणों की यह पहल अब उन गांव के ग्रामीणों के लिए सीख हो सकती है जिस गांव में स्कूल का भवन नही है। इसके साथ ही विकास की बात करने वाले शासन प्रशासन के लिए ग्रामीणों ने आईना दिखाने का काम किया है।

शासन ने नहीं सुनी तो बिलासपुर गांव के ग्रामीणों ने चंदा कर स्कूल भवन बनाने का कार्य शुरू कर दिया है।
औरंगाबाद जिले के ग्राम पंचायत पिपरौरा के उचौली टोला बिलासपुर गांव अब लोगों के लिए उदाहरण बन गया है। वर्षों से शासन से स्कूल भवन की मांग कर रहे ग्रामीणों ने थक हार कर अब चंदा इकट्ठा कर स्कूल भवन बनाने का निर्णय लेते हुए कार्य शुरू कर दिया है।बिलासपुर गांव में नवसृजित स्कूल के उन्नयन के बाद भवन की समस्या थी। जब सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीणों ने इसे अपने स्तर से बनाने की ठान ली।
500 की आबादी वाले गांव के ग्रामीणों ने आपस में एक लाख रुपए का चंदा और श्रमदान कर शेड वाला स्कूल भवन तैयार कर देने की ठान ली,जिसका 10 सितंबर को शुभारंभ किया गया । भवन बनने से अब इस गांव के बच्चे पढ़ने आएंगे।
शिवगंज रफीगंज व्यस्त रोड को पार कर उचौली पढ़ने जाते हैं बिलासपुर गांव के छात्र, दुर्घटना की बनी रहती है आशंका।
साल 2017 में गाँव मे नवसृजित स्कूल का दर्जा तो दिया गया था इसके साथ ही ग्रामीण स्कूल के लिए भवन मांगने लगे थे।पहले सत्र में भवन नहीं होने के कारण इस विद्यालय को उचौली में टैग कर दिया गया है जिसकी दूरी बिलासपुर गांव से तीन किलोमीटर दूर पड़ती है । शिवगंज रफीगंज रोड जो व्यस्त रोड में जानी जाती है और इस रोड में प्रत्येक दिन सड़क दुर्घटना होते रहता है इस रोड में स्पीड पर भी कोई कंट्रोल नहीं है और इसे पार कर बिलासपुर गांव के छात्र-छात्राएं उचौली स्कूल पढ़ने जाते हैं ग्रामीणों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इसके लिए शासन प्रशासन से भवन की मांग करते रहे लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी । ग्रामीणों ने बताया की जब शासन प्रशासन से मांग पूरी नहीं हुई तो,छात्र छात्राओं के होने वाली समस्या से निजात पाने के लिए स्वयं भवन बनाने का फैसला लिया गया।ग्रामीणों ने बाहर किसी से बिना मदद लिए चंदा एकत्र करना शुरू किया।
भवन निर्माण सामाग्री के लिए एक लाख रुपए चंदा इकट्ठा होने के बाद 10 सितम्बर को निर्माण कार्य शुरू किया गया। ग्रामीण हर दिन यहां पहुंचते हैं और श्रमदान कर निर्माण कार्य में जुटते हैं। सितम्बर में टीन के शेड वाला दो कमरों व एक बरामदे वाला स्कूल भवन बनाने का कार्य शुरू हो गया है। इन दो कमरों में से एक छात्रों के लिए, एक स्टाफ व एक प्राचार्य के लिए बनाया जा रहा है। इसके अलावा यहां एक बरामदा भी होगा।
ग्राम पंचायत से भी नहीं ली मदद, लेकिन कार्य किया शुभारंभ,ग्रामीण मांग रहे हैं मदद
स्कूल के शिक्षाविद समिति के सदस्य राधेश्याम कौशिक ने बताया कि इसके लिए न तो ग्राम पंचायत से मदद ली गई और न ही सरकार से। अपने दम पर ग्रामीणों ने यह भवन बनाने का निर्णय लिया गया।जिसका इसका शुभारंभ ग्रामीणों के द्वारा कराया गया है।
अब पढ़ सकेंगे बिलासपुर गांव के बच्चे
ग्राम पंचायत पिपरौरा के बिलासपुर गांव में बनाए जा रहे स्कूल भवन में गांव के बच्चे अब पढ़ेंगे। यहां कुल दर्ज संख्या 56 है। जिसमें पहली कक्षा से पांचवी कक्षा तक 56 छात्र हैं।
मदनपुर के पूर्व और ओबरा के वर्तमान थानाध्यक्ष ने बढ़ाया मदद का हांथ
बिलासपुर गांव के ग्रामीणों ने जब चंदा इकट्ठा कर स्कूल के भवन निर्माण करने का बीड़ा उठा लिया और कार्य शुरू कर दी गई तो इसकी सूचना किसी प्रकार जब मदनपुर के पूर्व और और ओबरा के वर्तमान थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सैनी को मिली तो उन्होंने अपना सहयोग देने को कहा और उन्होंने दो ट्रैक्टर ईट और अल्बेस्टर(सेड) देने का वादा करते हुए दूसरे दिन उस वादा को पूरा किया। थाना अध्यक्ष की मदद से बिलासपुर गांव के ग्रामीण काफी खुश और गदगद दिखे गांव के बुजुर्गों ने थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी को लाख-लाख बार शुक्रिया कहा और उन्हें विद्यालय बन जाने के बाद उद्घाटन करने के लिए आमंत्रण भी दिया। ज्ञात हो कि जब मदनपुर मैं थाना अध्यक्ष के पद पर पंकज कुमार सैनी पदस्थापित थे तो वह लगातार अपने कार्य के प्रति तत्पर रहते हुए जन सरोकार का विकास करते रहते थे जिसकी चर्चा पूरे औरंगाबाद जिला में हुआ करता था। थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी का शिक्षा पर काफी जोर रहता है वह दर्जनों ऐसे छात्र हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर है उन छात्र छात्राओं को अपने तरफ से मदद कर नामांकन करा कर कोचिंग और कलम कॉपी और किताब का खर्च उठाते हैं। थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने बताया कि मैं जहां भी रहा हूं वहां मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए क्षेत्र में शिक्षा पर जोर जरूर देता हूं और वैसे छात्र छात्राओं को सहयोग करता हूं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि मुझे ऐसे कार्य करने में काफी आनंद मिलता है। बिलासपुर गांव के ग्रामीणों को उन्होंने आश्वस्त कराया कि आगे भी किसी प्रकार की स्कूल में अगर जरूरत महसूस होती है तो हम मदद देने के लिए तैयार हैं।
एक राजद तो एक लोजपा नेता ने भी बढ़ाया मदद का हांथ
सूचना मिलने पर पहुंचे जिला पार्षद सह राजद नेता शंकर यादव और लोजपा के किसान प्रकोष्ठ के मदनपुर प्रखंड अध्यक्ष लड्डू सिंह ने ग्रामीणों के अनुसार इस विद्यालय में मदद देने की बात कही है।
देव नगर पंचायत में सदस्य पद के लिए हुआ पहला नामांकन दाखिल
मदनपुर प्रखंड राजद के नए सिरे से प्रखंड अध्यक्ष बने सरोज,पूर्व प्रखंड अध्यक्ष ने बताया अवैध











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