तस्वीर में कुटुंबा थाना में पुलिस अधिकारियों के पीछे खड़े अपराधी
चितरंजन कुमार, औरंगाबाद।
औरंगाबाद एसपी के रूप में जब से अमरीश राहुल ने पदभार ग्रहण किया है तब से लगातार अपराध पर जिले में अंकुश लगता हुआ दिख रहा है। ताजा मामला का उद्वेदन रविवार को हुआ जिसमें औरंगाबाद पुलिस ने जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में भारतमाला प्रोजेक्ट कैंप पर फायरिंग करने वाले गिरोह का किया सफल उद्भेदन करते हुए 3 में से 2 अपराधी को गिरफ्तार किया है। जबकि उस अपराधिक गिरोह के कुल 4 अपराधी को गिरफ्तार किया गया है।
ज्ञात हो कि 23 दिसंबर को रात के 8 बजे भारतमाला प्रोजेक्ट में रोड बनाने वाले कंपनी PNC के बेस कैंप पर 3 अज्ञात अपराधकर्मियों के द्वारा फायरिंग की घटना की गई थी और पर्चा फेंका गया था।
जाने पूरा मामला
औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 139 से सटे धनीबार गांव के समीप बने भारतमाला कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेस-वे परियोजना के बेस कैंप के मुख्य द्वार के समीप 23 दिसंबर सोमवार की देर रात अज्ञात अपराधी गोलीबारी कर चलते बने थे। उसी क्रम में अपराधियों ने वहां एक पर्चा भी छोड़ा था। जानकारी के अनुसार उन्होंने सात से आठ राउंड हवाई फायरिंग भी की थी। मौके से पुलिस ने खोखा भी बरामद किया था। इस मामले में प्रोजेक्ट के लाइजनिंग मैनेजर सत्यव्रत पाल ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि शाम के तकरीबन 7:45 बजे कैंप के गेट पर तीन अज्ञात व्यक्ति पिस्टल लिए आए और हवाई फायरिंग की। गेट के अंदर कागज का एक पर्चा फेंककर हरिहरगंज की ओर भाग निकले। उन्होंने बताया कि गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने इसकी जानकारी सुरक्षा अधिकारी और वरीय प्रोजेक्ट मैनेजर को दी, साथ ही स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई थी।
औरंगाबाद एसपी ने दिखाई तत्परता, SIT का किया गठन
घटना की सूचना मिलते ही औरंगाबाद एसपी अम्बरीष कुमार के द्वारा तत्परता दिखाते हुए एसडीपीओ सदर-1 संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में एक SIT टीम का गठन किया गया था। SIT टीम को घटना के उद्भेदन एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। SIT टीम के द्वारा आसूचना संकलन एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर घटना का उद्भेदन करते हुए फायरिंग करने वाले दो अपराधियों के साथ-साथ उस गिरोह में शामिल दो अन्य अपराधकर्मी को भी गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के क्रम इनके पास से एक देसी पिस्टल और दो देसी कट्टा और सात कारतूस, दो मोटरसाईकिल तथा चार मोबाईल बरामद किया गया।अपराधियों से पूछताछ के क्रम में ये बात सामने आई है कि झारखंड में कुणाल सिंह नाम के अपराधी की हत्या 2020 में हो गई थी। उस अपराधी के गिरोह का वर्तमान में नेतृत्व शुभम सिंह नाम का एक अपराधी कर रहा है। ये सभी अपराधी उसी गिरोह के सक्रिय सदस्य है। शुभम सिंह के द्वारा घटना की पूरी योजना बनाई गई और अपने ही गिरोह के सूरज सिंह, चेतन सिंह, अर्जुन सिंह, ऋषिराज उर्फ ऋषिकांत एवं अन्य को इस घटना को करने की जिम्मेदारी दी गई थी। जबकि 23 दिसंबर को चार अपराधकर्मी को दो मोटरसाइकिल से झारखंड राज्य से बिहार के औरंगाबाद में प्रवेश किया। इनमें से तीन अपराधकर्मियों में सुरज सिंह, ऋषिकांत एवं एक अज्ञात अपराधकर्मी के द्वारा भारतमाला प्रोजेक्ट कैंप PNC कंपनी के गेट पर आ कर फायरिंग की गई और पर्चा फेंक कर भाग गए। इस काम को करने के लिए शुभम सिंह के द्वारा सूरज सिंह और ऋषिकांत को दश हजार रुपए भी दिए गए थे। औरंगाबाद पुलिस ने घटना में शामिल सूरज सिंह और ऋषिकांत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उस योजना में शामिल चेतन सिंह एवं अर्जुन सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल भी बरामद कर लिया गया है। साथ ही दो देशी कट्टा एवं सात जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। शुभम सिंह एवं अन्य सभी संलिप्त अपराधकर्मियों की पहचान कर ली गई है। उसके गिरफ्तारी के लिए SIT लगातार प्रयास कर रही है। जल्द ही इनकी भी गिरफ्तार करने की बात औरंगाबाद पुलिस ने बताया है।गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
औरंगाबाद पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों को बड़ी से बड़ी सजा दिलाने की कड़ी में जुड़ गई है गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला गया है। जिसमें गिरफ्तार अभियुक्त सूरज सिंह के ऊपर झारखंड राज्य के पलामू जिले के पाटन थाना काण्ड,सं0-99/23दिनांक-15.06.2023,घारा-385/386 भा०द०वि० तथा परिवर्तित धारा-392/411 भा0द0वि0 दर्ज है। जबकि पलामू जिले के तरहसी थाना काण्ड सं0-58/23 दिनांक-24.07.2023 धारा-341/342/323/325/307 /504/506/34 भा०द०वि० दर्ज है। जबकि उसी थाना में काण्ड सं0-59/23 दिनांक-25.07.2023 घारा 25 (1-बी) ए/26/35 आर्म्स एक्ट दर्द है। जबकि अभियुक्त अर्जुन सिंह के ऊपर औरंगाबाद जिले के अम्बा थाना में काण्ड सं0-191/22 दिनांक-06.08.22 धारा-302/307/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट दर्ज है। शेष अपराधियों का अपराधिक इतिहास के बारे मे जानकारी प्राप्त की जा रही है ताकि बड़ी से बड़ी सजा दिलाई जा सके।











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