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देव थाना के दरोगा पर बाइक छोड़ने के लिए रिश्वत मांगने का लगा आरोप,दरोगा ने कहा पैरवी नही सुनी तो लगाया जा रहा बेबुनियाद आरोप

चितरंजन कुमार।

औरंगाबाद जिले के देव थाना में पदस्थापित दरोगा नीतीश कुमार पर वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े गए वाहन को निजी उपयोग में लाये जाने और उसे छोड़ने एक एवज में ₹5000 मांगे जाने का आरोप देव के एक व्यक्ति ने लगाया है।वाहन का उपयोग करने का सीसीटीवी फुटेज भी मीडिया को उपलब्ध कराई गई है। जबकि देव थाना के हवाले से बताई जा रही है कि जिस व्यक्ति के द्वारा दरोगा पर आरोप लगाया गया है।उसके भाई शराब के नशे में बाइक के साथ पकड़ा था।शराबी और बाइक छुड़वाने के लिए पैरवी हुई थी।पुलिस ने पैरवी नहीं सुनी तो पुलिस पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा हैं।

जानते हैं पूरा मामला।

जानकारी देते हुए अमन कुमार ने बताया कि देव थाना में पदस्थापित एसआई नीतीश कुमार द्वारा दस जनवरी को लगभग 4 बजे मेरा बाइक अपाची BR26x8934 को चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया।पुलिस द्वारा बाइक को जप्त कर देव थाना लाया गया।जब हमलोग गाड़ी को देव थाना से लाने गए तो एसआई नीतीश कुमार ने कहा कि गाड़ी का कागजात और 5 हजार रुपया लेकर कल आना और गाड़ी कल छूटेगा।दूसरे दिन 11 जनवरी को जब गाड़ी लेने थाना वापस गया तो एसआई नीतीश कुमार ने कहा कि आपकी गाड़ी को जांच के लिए परिवहन विभाग में भेज दिया गया है वहां से जाकर छुड़ा लीजिए।

इस दौरान 10 जनवरी से 12 तारीख के बीच में मेरे बाइक का इस्तेमाल एसआई नीतीश कुमार करते रहे और अपनी जरूरतों को पूरी करने के लिए कई बार गाड़ी के साथ बाजार में सामान खरीदारी करते और घूमते नजर आए।हर्ष के भाई अमन ने कहा कि देव के नगर उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता के साथ जब गाड़ी का सभी कागजात लेकर हम जिला परिवहन पदाधिकारी के कार्यालय में गए तो वहां से पता चला कि परिवहन विभाग में कोई भी मेरे बाइक संबंधित कागजात नही आए और परिवहन विभाग के पदाधिकारी कौशलेंद्र दास द्वारा बताया गया कि इस नंबर BR26x8934 की कोई बाइक जांच के लिए नही आई है ,यहां कोई भी कागजात नही पहुंचा है।देव थाना के एसआई नीतीश कुमार द्वारा इस तरह का हरकत कर मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है जिसको लेकर उचित कार्यवाई किया जाय।

पैरवी नही आई काम तो पुलिस पर दवाब बनाने के लिए लगाया जा रहा है बेबुनियाद आरोप।

बातें निकलकर आ रही है कि देव के एक माननीय के द्वारा शराब पिये व्यक्ति और उसके मोटरसाइकिल छोडवाने के लिए देव थाना के दारोगा नीतीश कुमार से पैरवी की गई थी।लेकिन दरोगा नीतीश कुमार ने माननीय का पैरवी नही सुना और शराब पिये व्यक्ति को न्ययालय में जांच के बाद पेश कर दिया।देव थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष स्वेता वर्मा ने बताया कि 10 जनवरी की संध्या देव पोखरा पर से शराब के नशे हला हंगामा करते हुए बाइक के साथ अमन के भाई हर्ष को पकड़ा गया था।जिसके बाद न्ययालय में पेश किया गया था और वाहन पर जुर्माना के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को आवेदन पत्र शॉपी गई है।जब युक्त व्यक्ति पुलिस के कब्जे में आया तो 10 जनवरी की शाम से लेकर पूरे रात छुड़वाने की पैरवी होती रही,लेकिन किसी का का पैरवी नही सुना गया और सुबह हर्ष को न्ययालय भेज दिया गया।जब वह न्ययालय से जुर्माना भरकर आया तो देव नगर उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता को लेकर औरंगाबाद जिला पुलिस अधीक्षक से जाकर मुलाकात किया और दरोगा नीतीश कुमार पर पैसा मांगने व पकड़े गये मोटरसाइकिल को अपने निजी कार्य मे उपयोग करने का आरोप पत्र पुलिस अधीक्षक को शौंपा।

अब इस मामले में आगे क्या होती है यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन इस बात की चर्चा पूरे देव में जोर शोर पर है।

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