विश्व स्तरीय आध्यात्मिक संस्था शिव चर्चा परिवार के संस्थापक श्री हरिंद्रानंद जी रविवार को अपनी स्थूल काया का परित्याग करके ब्रह्म तत्व में विलीन हो गए।
शिव चर्चा परिवार के गुरु बहन एवं भाइयों में शोक की लहर दौड़ गई। शिव चर्चा परिवार के मदनपुर इकाई से दर्जनों की संख्या में गुरु बहन एवं भाई संस्था के जनक का अंतिम दर्शन करने के लिए उनके निवास स्थल झारखंड राज्य के रांची स्थित धुर्वा नगर के लिए प्रस्थान कर गये। शिष्यों की टोली रांची से देर रात मदनपुर वापस आई। गुरु भाई दिलीप प्रसाद ने बताया कि शिव चर्चा के के जनक स्वामी जी का अंतिम दर्शन करने के लिए देश विदेश के कोने-कोने से शिष्य पहुंच रहे थे। दर्शन के लिए पहुंची शिष्य समूह की आंखें सजल थी वाणी मौन कोई एक दूसरे से बात करने की स्थिति में नहीं थे। सभी अपने गुरु के बीते हुए पल में जो सानिध्य प्राप्त हुआ था, उनके द्वारा जो आशीर्वाद और शिव तत्व का विहंगम ज्ञान प्राप्त हुआ था उसे स्मरण कर सभी गुरु भाइ बहन भाव विह्वल थे। श्री दिलीप प्रसाद ने बताया कि वहां के कारूणिक दृश्य का विश्लेषण शब्दों से कर पाना अत्यंत कठिन है। श्री दिलीप ने कहा कि हम सभी गुरु भाई तथा बहन शिव चर्चा परिवार को सदैव जीवंत बनाए रखने में जीवन की आखिरी सांस तक संकल्पित रहेंगे।*
*मदनपुर से रांची जाने वाली शिव चर्चा टोली में बहन दुर्गा, मनोरमा, लाखों, सुनीता, गुड़िया एवं गुरु भाई आनंद, अंकित, शिवपूजन सहित अन्य शामिल थे।
विश्व हिंदू परिषद के आजीवन हितचिंतक जितेंद्र सिंह परमार, राष्ट्रीय संस्था सैल्यूट तिरंगा के क्षेत्रीय मीडिया प्रमुख सुनील सिंह, बिहार प्रदेश के महामंत्री राणा आशुतोष कुमार सिंह एवं माता शबरी सत्संग समिति नोनीयांडीह, मदनपुर के संयोजक दयानंद मांझी ने श्री हरिंद्रानंद जी के निधन को आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया तथा कहा की ऐसे युगपुरुष का प्रकाट्य देवाधिदेव महादेव की कृपा से ही धराधाम पर होता है। तथा ऐसी विभूतियां अपना अभीष्ट पूर्ण करने के बाद पुनः शिव लोक चली जातीं है।










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